डेट इंस्ट्रूमेंट क्या है?

Updated on     Kisan Patel

डेट इंस्ट्रूमेंट में निवेश करके हम एक निश्चित आय प्राप्त कर सकते हैं। डेट इंस्ट्रूमेंट, ऋणदाता (या दाता) को प्रिंसिपल […]

डेट इंस्ट्रूमेंट में निवेश करके हम एक निश्चित आय प्राप्त कर सकते हैं। डेट इंस्ट्रूमेंट, ऋणदाता (या दाता) को प्रिंसिपल बैक के अलावा एक निश्चित ब्याज अर्जित करने की अनुमति देता है, जबकि जारीकर्ता (या खरीदार) लागत पर धन जुटाने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकता है।

डेट (Debt) ऋणदाता को समय पर ब्याज के साथ उधार राशि को चुकाने के लिए जारीकर्ता (या खरीदार) पर कानूनी दायित्व के रूप में कार्य करता है।

बांड, डिबेंचर, पट्टों (leases), प्रमाण पत्र (Certificates), विनिमय और बचन पत्र के बिल ये सब डेट इंस्ट्रूमेंट के उदाहरण हैं।

यह बाजार के प्रतिभागियों(participants) को भी कर्ज दायित्व के स्वामित्व को एक पार्टी से दूसरी पार्टी को स्थानांतरित करने का विकल्प देता हैं।

डेट इंस्ट्रूमेंट्स फिक्स्ड और अधिक रिटर्न देने के साथ-साथ बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट से ज्यादा रिटर्न देता हैं। इसकी अवधि दीर्धकालिक या अल्पकालिक हो सकती है। अगर ऋण की अवधि अल्पकालिक हो तो उसे एक वर्ष के भीतर चूका दिया जाता है। हालांकि, दीर्धावधि ऋण लोगों को एक वर्ष या इससे अधिक वर्ष के बाद भी चुकाया जा सकता है। क्रेडिट कार्ड बिल और ट्रेजरी नोट लघु अवधि के ऋण के उदाहरण हैं, जबकि mortgages दीर्धकालिक ऋण के उदाहरण हैं।

डेट इंस्ट्रूमेंट्स के प्रकार:

डिबेंचर

डिबेंचर भी शेयर की तरह होता है, बस फर्क इतना होता है कि यह पूँजी (share capital) का हिस्सा ना होकर, कम्पनी द्वारा पब्लिक से मांगा गया ऋण होता है। इस डिबेंचर पर कंपनियां प्रतिवर्ष, डिवीडेंड की जगह ब्याज देती है। कई कम्पनियां डिबेंचर को शेयर में स्थानांतरित करने का भी प्रावधान रखती हैं।

बांड

बांड अपने आप में एक तरह का कर्ज (Debt) है जो खरीददार बेचने वाले को देता है। इस पर ब्याज मिलता है। बांड आम तौर सरकार या सरकारी केन्द्रीय बेंक या बड़ी कंपनियों के द्वारा जारी किए जाते हैं। बांड एक निश्चित समय सीमा के लिए जारी किये जाते है, जिसके बाद बॉन्ड के धारक को उसका धन वापस मिलता है.

बंधक ऋण (Mortgage loan)

बंधक ऋण या ‘गिरवी कर्ज’ (mortgage loan) उस ऋण को कहते हैं जो किसी वास्तविक संपत्ति (जैसे घर, भूमि, सोना आदि) को बंधक रखकर तथा एक बंधक विलेख (mortgage note) के द्वारा प्राप्त किया जाता है। भुगतान की विफलता के मामले में, संपत्ति को जब्त किया जा सकता है और उधार राशि की वसूली के लिए बेची भी जा सकती है।

ट्रेजरी बिल्स (Treasury bills)

एक साल से कम परिपक्वता अवधि वाले बांड्स या सर्टिफिकेट को टी-बिल्स अथवा ट्रेजरी बिल्स कहते हैं। और उन्हें केवल परिपक्वता पर ही लौटाया जा सकता हैं। उसे परिपक्वता से पहले बेचा जाने पर छूट यानी discount पर बेचा जाता हैं।


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