बुक वैल्यू (Book value) क्या होती है?

Updated on     Kisan Patel

वास्तविक दुनिया में, बुक वैल्यू केवल नाम के लिए प्रयोग किया जाता है और कई बार कृत्रिम रूप से उसमें […]

वास्तविक दुनिया में, बुक वैल्यू केवल नाम के लिए प्रयोग किया जाता है और कई बार कृत्रिम रूप से उसमें हेरफेर भी की जाति है।

कई निवेशक अब भी ये मानते है कि बुक वेल्यु कंपनी की संपति का वास्तविक मूल्य दर्शाता है। और बुक वेल्यु यह भी दर्शाता है कि अगर अगले दिन इस कंपनी को बंद कर दिया जाए तो निवेशक को क्या मिलेगा। लेकिन ये हमेशां सच नहीं होता है। (लेकिन वोरेन बफ़ेट किसी अन्य चीज की तुलना में कंपनी के आतंरिक व्यवसाय मान(मूल्य) को देखने का सुझाव देते है। परन्तु स्वयं के पास कम्पनी का आतंरिक मूल्य पता लगाने के लिए कोई साधन या टूल नहीं हैं और इसीलिए वह बुक वेल्यु का उपयोग करते है।)

बुक वेल्यु की गणना कैसे की जाति है?

हमें कंपनी की बुक वेल्यु की गणना करने के लिए उसकी बेलेंसशिट में सभी वास्तविक परिसम्पतियों (tangible assets) को देखना चाहिए। क्योंकि, कभी कभी उसमें goodwill, trademark आदि जैसी अमूर्त संपति भी परिसंपति स्तंभ के अंतर्गत आती है। बुक वेल्यु की गणना करते समय इन बातों को ध्यान में रखा नहीं जाता है। फिर इस संख्या से हमें इक्विटी पूंजी (equity capital) और अधिशेष (surplus) को छोड़कर दायित्वों (liabilities) को घटा देना होगा अंतिम परिणाम कंपनी की कुल बुक वैल्यू है।

उदहारण के लिए-

कुल वास्तविक संपत्ति = 1 करोड़ और 50 लाख

इक्विटी और अधिशेष को छोड़कर कुल दायित्त्व (liabilities) = 2 लाख

इसलिए, कुल बुक वैल्यू − 1 करोड़ और 50 लाख − 2 लाख = 1 करोड़ और 48 लाख

यदि हम इस राशि को कुल शेयरों की संख्या से विभाजित करते हैं, तो हमें प्रति शेयर बुक वैल्यू मिलेगी।

इसलिए, प्रति शेयर बुक मूल्य = (1 करोड़ और 48 लाख / 1.5 लाख) = 98.76 रुपये


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